एक नज़र ..चलते चलते
Saturday, March 28, 2015
नारी - तुम हो सृजनहार
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प्रिय सखी Chanchala Inchulkar Soni ji ki lajwab painting ko dekh kuchh vichar jo panpe smile emoticon नारी हो तुम हो सृजनहार केवल...
Thursday, March 26, 2015
मंजिल बाकी है
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अभी तो राह देखी है मंजिल बाकी है ढली है नींव ही केवल मकान बाकी है || भीड़ में खो नहीं जाना सम्हल चल जरा जश्न दीवानों का है य...
Wednesday, March 25, 2015
उम्मीदों का मशाल
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मेरे यकीन से यूँ टकरा रहे हो वजूद अपना ही ठुकरा रहे हो । चले थे लेकर उम्मीदों का जो मशाल बन कर आंधी उसी को बुझा रहे हो । ...
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