एक नज़र ..चलते चलते
.
** हेलो जिन्दगी * * तुझसे हूँ रु-ब-रु * * ले चल जहां * *
Wednesday, February 13, 2013
haiku gulshan
जारी है जंग
मेघो की भानु संग
नभ प्रांगन
सर्द हवाएं
करती उपहास
क्षुब्ध किरणे
मुस्कान तेरी
डस गयी बैरन
ये महंगाई
प्रिये ...स्वागत
नवयुग तुम्हारा
कहे युगांत
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