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** हेलो जिन्दगी * * तुझसे हूँ रु-ब-रु * * ले चल जहां * *

Sunday, June 19, 2016

तेरी पायल तेरी चूड़ी


आज पतिदेव जी के  किसी  फेस बुक ग्रुप के लिए लिखी ये रचना जिसका विषय था चूड़ी / पायल / बिंदी
आशा  है वहाँ  सभी को पसंद आएगी  .. आपको को कैसी लगी :)


तेरी पायल तेरी चूड़ी 
सुनाती राग जीवन का तेरी पायल तेरी चूड़ी ,
कराती प्रीत का एहसास तेरी पायल तेरी चूड़ी ,
कहे बंधन जग इनको ये बड़ी भूल है उनकी, 
मेरी धड़कन में बसती  है तेरी पायल तेरी चूड़ी । 

Saturday, June 18, 2016

आखिरी निशानी



जान से ज्यादा सम्हाल रखा है
 मोहब्बत की वो आखिरी निशानी
वो तेरे फेंके पत्थर और टुकड़े मेरे दिल के
उतनी ही मोहब्बत है उनसे जितनी तुमसे । 

Friday, May 20, 2016

सांझी अंगीठी



त्रिवेणी :-
सांझी अंगीठी 
गरम प्यालियाँ चिल्लाते कूकर झगड़ते प्लेट्स ,
आज सभी सुस्त है बीमार है आक्सीजन तलाश रहे हैं ,

साँझी अंगीठी ने धुँआ  उगलना बंद कर दिया है  ।
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