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** हेलो जिन्दगी * * तुझसे हूँ रु-ब-रु * * ले चल जहां * *

Sunday, June 19, 2016

तेरी पायल तेरी चूड़ी


आज पतिदेव जी के  किसी  फेस बुक ग्रुप के लिए लिखी ये रचना जिसका विषय था चूड़ी / पायल / बिंदी
आशा  है वहाँ  सभी को पसंद आएगी  .. आपको को कैसी लगी :)


तेरी पायल तेरी चूड़ी 
सुनाती राग जीवन का तेरी पायल तेरी चूड़ी ,
कराती प्रीत का एहसास तेरी पायल तेरी चूड़ी ,
कहे बंधन जग इनको ये बड़ी भूल है उनकी, 
मेरी धड़कन में बसती  है तेरी पायल तेरी चूड़ी । 
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