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** हेलो जिन्दगी * * तुझसे हूँ रु-ब-रु * * ले चल जहां * *

Friday, December 2, 2016

हम कुछ नही कहते


यूँही  दो लाइन में मन की बात लिखने की कोशिश :)
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पुराने जख्मो का उनसे क्या करना ज़िकर

इश्क फिर सामने खड़ा है नया फरेब लेकर ।
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बीत जाते है मेरे दिन रात उन्हें देखते सुनते
उनको ये गम है कि हम कुछ नही कहते  । 


**Neh sunita**(Sunita Agarwal)
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