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** हेलो जिन्दगी * * तुझसे हूँ रु-ब-रु * * ले चल जहां * *

Wednesday, July 29, 2015

वर्ण पिरामिड -ग्राम


ये
धूप
 चाँदनी
 हरीतिमा
 डसे भुजंग
पाश्चात्य लहर
नगरो का विस्तार   |


 वो
 खेत
 रहट
 पनघट
परम्पराएँ
 बैठक सजाती
 तस्वीरों में जिन्दा है ।
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