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** हेलो जिन्दगी * * तुझसे हूँ रु-ब-रु * * ले चल जहां * *

Wednesday, January 23, 2013

HAIGA 2





जीवन नैया
अब तेरे हवाले
पार लगा दे

 साँसे गिनती
बिना हरियाली के
धरा हमारी

जीवनदात्री
हरीतिमा की प्यासी
चली ढूंढने

धरती उड़ी
उड़नखटोला पे
पिया मिलन

क्षितिज सम
तेरा मेरा मिलन
नभ प्रांगन

अम्बर हठी
मेघ बनाये बंदी
धरती प्यासी

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